Sunday, 25 May 2014


नयी शुरुआत करतें हैं...
जिंदगी चल आ..
फिर से बात करते हैं |
हार-जीत का हिसाब नहीं,
नयी शुरुआत करते हैं |
कोई प्रश्न मैं न पूछूं ,
कोई प्रश्न तुम न करना |
साँसों का मकसद क्या हो?
ऐसा कोई सवाल न करना |
धड़कनों के शोर का भी,
अब कोई ख्याल न करना |
आँखों के आंसुओं को
निचोड़ आगे बढ़ते हैं |
हार जीत की बात नहीं,
नयी शुरुआत करते हैं |
उदास हैं साँसे, उदास सही,
मन की चिड़चिड़ाहट रुके नहीं,
नया कोई सपना उगे नहीं,
वक़्त चलता रहे, लम्हें थमें नहीं |
न मंज़िल की परवाह करें,
न ग़मों से डरते हैं,
हार जीत का हिसाब नहीं,
नयी शुरुआत करते हैं |
चाहत नहीं दस्तक दें,
भावुक खुशियां फिर से |
न फूल खिलें, न बयार चले,
न चमकें अँखियाँ फिर से |
टूटी हुयी नाव से ही,
पार उतरते हैं |हार जीत की बात नहीं,
नयी शुरुआत करते हैं |
तुझसे कोई शिकायत नहीं है,
तुमभी बेशक रियायत न करना |
तैयार हूँ और इम्तिहानों के लिए,
तुम भी आसान सवाल न करना |
मुर्दा उत्साह अपग उमंग,
टूटे सपनो को दफ़न करते हैं |
हार जीत की बात नहीं,
नयी शुरुआत करते हैं |
गौरव शर्मा

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