Tuesday, 9 September 2014


जीवन का अर्थ

सीधी पंक्तियाँ,
सभी के लिए अर्थहीन,
परन्तु अपने जीवन की,
सीधी पंक्तियों में,
मैं देखता हूँ एक रचना,
पूर्णतः अर्थपूर्ण, भावपूर्ण |
शायद और भी होंगे,
जो अपने जीवन की 
सीधी पंक्तियों में,
देख पाते हैं सजीव रचनाएँ |


,रिक्तता ही है जीवन का अर्थ,
क्षणों के साथ आतीं,
मरतीं साँसें,
मोमबत्ती सा जलता,
घुलता शरीर,
और एक मन...
प्रतिपल कुछ तलाशता,
बैचैन, उत्सुक, हैरान,
जीवन को वक्रता की और बढ़ाता,
और जब पूर्ण हो जाता है वृत,
बीच में से रिक्त,
तब मर जाता है जीवन,
बस शून्य मात्र,
सीधी पंक्तियों से,
  
                                                      वृतबनाना ही है जीवन |

No comments:

Post a Comment

Thanks for your invaluable perception.

When Empowerment Forgets Humility

  When Empowerment Forgets Humility Mary Kom is not just another sportsperson, she is a national conscience shaped by struggle, discipline, ...